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पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में बांà¤à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ है?
à¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ जब à¤à¤• पà¥à¤°à¥à¤· किसी महिला के साथ असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सेकà¥à¤¸ करने के बावजूद à¤à¥€ महिला को गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ ना कर पाठतो पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की यह अवसà¥à¤¥à¤¾ पà¥à¤°à¥à¤· बांà¤à¤ªà¤¨ कहलाती है। आमतौर पर यह समसà¥à¤¯à¤¾ शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं की कम संखà¥à¤¯à¤¾ या उनमें किसी तरह की खराबी या सà¥à¤–लन से जà¥à¥œà¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के कारण होती है।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाà¤à¤‚ :
1- अगर पिछले à¤à¤• साल से आपने गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• दवा या कोई अनà¥à¤¯ गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² नहीं किया है और इसके बावजूद à¤à¥€ आपकी पतà¥à¤¨à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ नहीं हो पा रही हैं तो आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाकर चेकअप कराà¤à¤‚।
2- सेकà¥à¤¸ की इचà¥à¤›à¤¾ में कमी हो या सà¥à¤–लन से जà¥à¥œà¥€ कोई दिकà¥à¤•त होने पर
3- पहले से ही अंडकोष, पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ या सेकà¥à¤¸ से जà¥à¥œà¥€ कोई बीमारी होने पर
4- अंडकोष और उसके आस पास के हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦, गांठया सूजन होने पर
5- अगर पहले कà¤à¥€ गà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¨, वृषण, पेनिस या अंडकोष की थैली का ऑपरेशन हà¥à¤† हो
किन कारणों से हो सकती है ये समसà¥à¤¯à¤¾ :
1- तमà¥à¤¬à¤¾à¤•ू, अलà¥à¤•ोहल या नशीली डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ का सेवन
2- हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में अनियमितता होने पर
3- इमà¥à¤¯à¥‚नोलॉजिकल समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जिसकी वजह से सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® के खिलाफ à¤à¤‚टीबॉडीज उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जाते हैं।
4- जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन होना
5- à¤à¤¸à¥‡ पà¥à¤°à¥à¤· जो à¤à¤¨à¤¾à¤¬à¥‰à¤²à¤¿à¤• सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡ (खासतौर पर टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ ) का सेवन करते हैं।
6- टà¥à¤¯à¥‚मर या किसी लमà¥à¤¬à¥‡ समय तक चलने वाली बीमारियों से पीड़ित होने पर
7- कà¥à¤› ख़ास दवाइयों के सेवन या ख़ास मेडिकल टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट की वजह से
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में बांà¤à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ का सà¥à¤¤à¤° कà¥à¤¯à¤¾ है :
बांà¤à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ दिनोदिन बà¥à¤¤à¥€ ही जा रही है। इस समय पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में 15% जोड़े इस समसà¥à¤¯à¤¾ से परेशान हैं जिनकी संखà¥à¤¯à¤¾ करीब 48.5 मिलियन है। यह पाया गया है बांà¤à¤ªà¤¨ के इन आंकड़ों में सिरà¥à¤« पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ का योगदान ही लगà¤à¤— 50% है।
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में बांà¤à¤ªà¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ :
1- शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं की संखà¥à¤¯à¤¾ सामानà¥à¤¯ से कम होना
2- सेकà¥à¤¸ की इचà¥à¤›à¤¾ में कमी, सà¥à¤–लन में दिकà¥à¤•त, इरेकà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² डिसफंकà¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾
3- अंडकोष में दरà¥à¤¦, सूजन या गांà¤
4- सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का साइज़ बॠजाना ( गाइनेकोमेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾ )
5- शरीर या चेहरे के बालों में कमी
6- वृषण (Testes) का छोटा और कठोर होना
पà¥à¤°à¥à¤· बांà¤à¤ªà¤¨ से जà¥à¥œà¥€ अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ :
दिमागी सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ : बांà¤à¤ªà¤¨ से पीड़ित पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ का आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ बहà¥à¤¤ कमजोर पड़ जाता है जिससे आगे चलकर वे सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ के मरीज हो जाते हैं।
रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में दिकà¥à¤•तें : बचà¥à¤šà¥‡ ना पैदा होने की वजह से कई विवाहित जोड़ों के आपसी रिशà¥à¤¤à¥‡ खराब होने लगते हैं और इस वजह से वे डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के शिकार हो जाते हैं।
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में बांà¤à¤ªà¤¨ के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण :
A) - आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक कारण :
कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® में दिकà¥à¤•त : कà¥à¤› वंशानà¥à¤—त बीमारियां जैसे कि कà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¨à¤«à¥‡à¤²à¥à¤Ÿà¤° सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® से पीड़ित पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में जनà¥à¤® से ही कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® दोष होता है। उनमें à¤à¤• à¤à¤•à¥à¤¸ और à¤à¤• वाई कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® की बजाय दो à¤à¤•à¥à¤¸ कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® और à¤à¤• वाई कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® होता है जिस वजह से उनके पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंग ठीक से विकसित नहीं हो पाते हैं।
B) बांà¤à¤ªà¤¨ के चिकितà¥à¤¸à¤•ीय कारण :
1- वैरीकोसेल (Varicocele) : वृषण या अंडकोष की अंदà¥à¤°à¥à¤¨à¥€ नसों में सूजन
2- संकà¥à¤°à¤®à¤£ : कà¥à¤› संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¤¸à¥‡ होते हैं जिनकी वजह से सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® बनने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पर बà¥à¤°à¤¾ असर पड़ता है और सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में ये रà¥à¤•ावट पैदा करते हैं।
3- à¤à¤‚टीबॉडीज : कà¥à¤› पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के शरीर में à¤à¤¸à¥‡ à¤à¤‚टीबॉडीज बनने लगते हैं जो सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® को हानिकारक समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं और फिर उसे खतà¥à¤® करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं।
4- टà¥à¤¯à¥‚मर : नॉन मैलिगà¥à¤¨à¥‡à¤‚ट टà¥à¤¯à¥‚मर और कैंसर पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ संबंधित हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करने वाली गà¥à¤°à¤‚थियों के माधà¥à¤¯à¤® से पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों को सीधे तौर पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं।
5- सà¥à¤–लन से जà¥à¥œà¥€ दिकà¥à¤•तें : कà¥à¤› मामलों में आरà¥à¤—ेजà¥à¤® के समय वीरà¥à¤¯ लिंग से बाहर निकलने की बजाय वापस अंडकोष में चला जाता है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ से पीड़ित मरीज à¤à¥€ बांà¤à¤ªà¤¨ के शिकार होते हैं।
6- हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में असंतà¥à¤²à¤¨ : शरीर की पà¥à¤°à¤®à¥à¤– गà¥à¤°à¤‚थियां जैसे कि हाइपोथैलेमस, पीयूष, थायराइड और à¤à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤¨à¤² गà¥à¤°à¤‚थि में किसी तरह के असंतà¥à¤²à¤¨ या अंडकोष से जà¥à¥œà¥€ किसी बीमारी की वजह से à¤à¥€ बांà¤à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है।
C) पà¥à¤°à¥à¤· बांà¤à¤ªà¤¨ के परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ कारण :
1- कारखानों से निकलने वाले केमिकल : हानिकारक केमिकल, पेसà¥à¤Ÿà¥€à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡, आरà¥à¤—ेनिक यौगिक, पेंट जैसी चीजों के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संपरà¥à¤• में रहने से à¤à¥€ सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® काउंट कम होता है।
2- धातॠके संपरà¥à¤• में रहने से : लेड और कई अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤°à¥€ धातà¥à¤“ं के संपरà¥à¤• में रहने से à¤à¥€ बांà¤à¤ªà¤¨ की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बॠजाती है।
3)- à¤à¤•à¥à¤¸-रे किरणों के संपरà¥à¤• में रहने से : जो लोग अधिक रेडिà¤à¤¶à¤¨ वाली जगहों जैसे कि मोबाइल टावर या à¤à¤•à¥à¤¸-रे मशीन के आस पास जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक काम करते हैं उनके शरीर में à¤à¥€ सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कम हो जाता है। कà¥à¤› गंà¤à¥€à¤° मामलों में रेडिà¤à¤¶à¤¨ की वजह से सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ पूरी तरह à¤à¥€ रà¥à¤• सकता है।
4) अधिक तापमान : अगर आप रोजाना बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® पानी से नहा रहे हैं तो इस वजह से à¤à¥€ सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® काउंट कम हो सकते हैं।
D) सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और जीवनशैली से जà¥à¥œà¥‡ कारण :
1- तमà¥à¤¬à¤¾à¤•ू का सेवन : जो पà¥à¤°à¥à¤· बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करते हैं और जो लोग इसके धà¥à¤‚ठके संपरà¥à¤• में रहते हैं। उन दोनों में ही बांà¤à¤ªà¤¨ का ख़तरा काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है।
2) अवैध डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ का सेवन : कोकीन और मारिजà¥à¤†à¤¨à¤¾ जैसे डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ का सेवन करने से à¤à¥€ सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® की कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ और संखà¥à¤¯à¤¾ पर बहà¥à¤¤ बà¥à¤°à¤¾ असर पड़ता है।
3) अधिक शराब का सेवन : बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में शराब पीने से टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ लेवल कम होने लगता है जिसकी वजह से इरेकà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² डिसफंकà¥à¤¶à¤¨ और सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में कमी जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने लगती हैं।
4) सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ : दिमागी सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ की वजह से à¤à¥€ कई बार सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® बनने में मदद करने वाले हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो जाते हैं।
5) वजन : मोटापे की वजह से à¤à¥€ शरीर के कई हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ हो जाते हैं जिस वजह से पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर बà¥à¤°à¤¾ असर पड़ता है।
पà¥à¤°à¥à¤· बांà¤à¤ªà¤¨ की पहचान कैसे की जाती है :
1)- शारीरिक परीकà¥à¤·à¤£ : इसके अंतरà¥à¤—त आपके जननांगो का निरीकà¥à¤·à¤£ किया जाता है और डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपसे à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤ , सरà¥à¤œà¤°à¥€ या पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ बीमारियों के बारे में पूछते हैं जिनकी वजह से बांà¤à¤ªà¤¨ हो सकता है।
2- वीरà¥à¤¯ की जांच : इसके अंतरà¥à¤—त आपको अपने वीरà¥à¤¯ को à¤à¤• ख़ास डिबà¥à¤¬à¥‡ में सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° करना होता है और फिर डॉकà¥à¤Ÿà¤° को वीरà¥à¤¯ का ये नमूना जांच के लिठदिया जाता है। इसके अलावा वीरà¥à¤¯ के नमूने के लिठआप सेकà¥à¤¸ के दौरान कंडोम का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं और उसमें जमा वीरà¥à¤¯ को जांच के लिठदे सकते हैं।
पà¥à¤°à¥à¤· बांà¤à¤ªà¤¨ से जà¥à¥œà¥‡ टेसà¥à¤Ÿ :
1-अंडकोष का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड : इस अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड में आपके अंडकोष के अंदà¥à¤°à¥à¤¨à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ की जांच होती हैं जिससे पता चलता है कि आप वैरिकोसेल या किसी अनà¥à¤¯ बीमारी से पीड़ित है या नहीं।
2-हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की जांच : इसके लिठआपके खून की जांच की जाती है और उससे टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ और बाकी अनà¥à¤¯ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के लेवल का पता लगाया जाता है।
3- आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक परीकà¥à¤·à¤£ : इस बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ में आपके वाई कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® में होने वाले बदलाओं की जांच की जाती हैं।
4- टà¥à¤°à¤¾à¤‚सरेकà¥à¤Ÿà¤² अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड : इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के अंतरà¥à¤—त डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ और वीरà¥à¤¯ के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में होने वाली रà¥à¤•ावटों की जांच करते हैं।
पà¥à¤°à¥à¤· बांà¤à¤ªà¤¨ के लिठइलाज :
1- सरà¥à¤œà¤°à¥€ : कई मरीजों का वीरà¥à¤¯ आरà¥à¤—ेजà¥à¤® के दौरान लिंग से बाहर निकलने की बजाय वापस अंडकोष में चला जाता है और इस समसà¥à¤¯à¤¾ को à¤à¤• सरà¥à¤œà¤°à¥€ (Vasectomy reversal) के माधà¥à¤¯à¤® से ठीक किया जाता है।
2- सेकà¥à¤¸ के दौरान होने वाली परेशानियों का इलाज : जो मरीज शीघà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¨ और इरेकà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² डिसफंकà¥à¤¶à¤¨ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से पीड़ित होते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दवाइयों और काउनà¥à¤¸à¤²à¤¿à¤‚ग की मदद से ठीक कर दिया जाता है।
3- हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट : अगर किसी ख़ास हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने की वजह से बांà¤à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही है तो इस समसà¥à¤¯à¤¾ को हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ रिपà¥à¤²à¥‡à¤¸à¤®à¥‡à¤‚ट थेरेपी या दवाइयों की मदद से खतà¥à¤® कर दिया जाता है।
4- असिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ रिपà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ (ART) : à¤à¤†à¤°à¤Ÿà¥€ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के अंतरà¥à¤—त सामानà¥à¤¯ सà¥à¤–लन या सरà¥à¤œà¤°à¥€ से हासिल किये गये या किसी डोनर से मिले वीरà¥à¤¯ को महिला के जननांगो में डाला जाता है और आईवीà¤à¤« (IVF) तकनीक की मदद से निषेचन की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पूरी की जाती है।
वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• उपचार : कà¥à¤› औषधियां जैसे की अमेरिकन जिनà¥à¤¸à¥‡à¤‚ग की जड़ और कà¥à¤› सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट जैसे की कोà¤à¤‚जाइम कà¥à¤¯à¥‚-10, à¤à¤²-कैरनिटिन, अलà¥à¤«à¤¾-लिपोइक à¤à¤¸à¤¿à¤¡, à¤à¤²-आरà¥à¤œà¥€à¤¨à¤¾à¤‡à¤¨, बायोटिन, गà¥à¤²à¥‚थाथियोन, विटामिन à¤, सी, डी और ई à¤à¥€ पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद करते हैं।
आईसीà¤à¤¸à¤†à¤ˆ कà¥à¤¯à¤¾ है : इंटà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤¯à¤Ÿà¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¿à¤• सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® इंजेकà¥à¤¶à¤¨ (ICSI), आईवीà¤à¤« का ही à¤à¤• ख़ास रूप है जिसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के बांà¤à¤ªà¤¨ के इलाज में किया जाता है।
पà¥à¤°à¥à¤· बांà¤à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ को रोकने के लिठमैं कà¥à¤¯à¤¾ कर सकता हूà¤?
इसके लिठआप मारिजà¥à¤†à¤¨à¤¾, कोकीन जैसे डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ और तमà¥à¤¬à¤¾à¤•ू- शराब का सेवन बिलà¥à¤•à¥à¤² बंद कर दें। बहà¥à¤¤ अधिक गरà¥à¤® पानी से ना नहायें इससे à¤à¥€ शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं के बनने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पर असर पड़ता है। इसके अलावा टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ या ओटीसी à¤à¤£à¥à¤¡à¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ का सेवन बंद कर दें। बॉडी बिलà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग के लिठसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡ लेने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से ज़रूर बात करें। रोजाना वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें और डाइट में अधिक से अधिक पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजों को शामिल करें।
घरेलू उपचार :
आपको जानकर आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ होगा कि कई बीमारियों का इलाज तो आपकी रसोई में ही मौजूद रहता है। हम यहां आपको बता रहे हैं कि अपनी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठआप किन चीजों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं।
1- कदà¥à¤¦à¥‚ के बीज : à¤à¤• गिलास गरà¥à¤® पानी में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š कदà¥à¤¦à¥‚ के बीज डालकर इसका मिशà¥à¤°à¤£ बना लें। इसका रोजाना सेवन आपके लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद होगा।
2- लहसà¥à¤¨ : रोजाना 4-5 लहसà¥à¤¨ की कली को कचà¥à¤šà¥‡ चबाकर खाà¤à¤‚ या पानी के साथ निगल लें। इससे आपकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ मजबूत होगी और बांà¤à¤ªà¤¨ के इलाज में आपको मदद मिलेगी।
3- à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¡à¥€ : à¤à¤• कप गाय के दूध में 5-10 गà¥à¤°à¤¾à¤® à¤à¤¿à¤‚डी की जड़ का पाउडर मिलाकर à¤à¤• मिशà¥à¤°à¤£ बना लें और रोजाना इसका सेवन करें।
4- पà¥à¤¯à¤¾à¤œ : कचà¥à¤šà¥‡ सफ़ेद पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को सलाद में मिलाकर खाà¤à¤‚।
कà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° होने के कारण बांà¤à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है?
आमतौर पर पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की उमà¥à¤° जैसे जैसे बढती जाती हैं उनमें इरेकà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² डिसफंकà¥à¤¶à¤¨ और सेकà¥à¤¸ की इचà¥à¤›à¤¾ में कमी जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने ही लगती हैं। अधिक उमà¥à¤° होने पर पà¥à¤°à¥à¤· डायबिटीज और हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° जैसी कई बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं जिस वजह से बचà¥à¤šà¥‡ पैदा करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर बà¥à¤°à¤¾ असर पड़ता है। इसके साथ ही उमà¥à¤° बà¥à¤¨à¥‡ पर सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® की कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ उतनी अचà¥à¤›à¥€ नहीं रह जाती है। इन सब कारणों को मिलाकर यह कहा जा सकता है कि उमà¥à¤° बà¥à¤¨à¥‡ के साथ आपकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर होने लगती है।
बांà¤à¤ªà¤¨ के बारे में पता चलने पर पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को कैसा महसूस होता है :
अधिकतर मामलों में पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को जब अपने बांà¤à¤ªà¤¨ के बारे में पता चलता है तो तो वे बहà¥à¤¤ निराश हो जाते हैं और उनका आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ बहà¥à¤¤ कमजोर हो जाता है। कई पà¥à¤°à¥à¤· ये बात अपने आस पास के लोगों से छिपाते हैं और शरà¥à¤®à¤¿à¤‚दगी के कारण आगे इलाज नहीं करवाते हैं। कà¥à¤› मामलों में मरीज डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ तक पहà¥à¤à¤š जाते हैं।
बांà¤à¤ªà¤¨ का सामना कैसे करें:
किसी पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ योगा टीचर से सलाह लेकर रोजाना योग और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ करें।
काउनà¥à¤¸à¤²à¤¿à¤‚ग के लिठजाà¤à¤‚।
अपने दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ और परिवार के लोगों को अपनी समसà¥à¤¯à¤¾ के बारे में बताà¤à¤‚।
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